Omicron Subvariant Ba.2, Stealth Omicron Highly Transmissible And Harder To Track – Omicron Ba.2: कोविड टेस्ट को चकमा दे रहा है यह सब-वैरिएंट, संक्रमित होने पर भी निगेटिव आ सकती है रिपोर्ट, जानिए बचाव के लिए क्या करें?

पिछले करीब दो महीने से दुनियाभर में जारी कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कई उपभेद वैज्ञानिकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ओमिक्रॉन बीए.2, ऐसा ही एक सब-वैरिएंट है जिसको लेकर वैज्ञानिक काफी चिंतित हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का यह उपभेद, जिसे ‘स्टेल्थ ओमिक्रॉन’ भी कहा जा रहा है, वह मूल वैरिएंट से काफी अधिक संक्रामक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें मूल स्ट्रेन की तुलना में अधिक म्यूटेशन हैं, जो इसकी संक्रामकता दर को बढ़ा देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस खतरे को लेकर सभी को विशेष अलर्ट रहना चाहिए। यह अचानक से स्थिति को बिगाड़ सकता है।

ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने ओमिक्रॉन बीए.2 के खतरे को लेकर हालिया रिपोर्ट में बताया कि यह बीए.1 स्ट्रेन की तुलना में कहीं अधिक संक्रामक है, इतना ही नहीं यह पारंपरिक कोरोना जांच को भी चकमा दे सकता है। इससे संक्रमित होने पर भी टेस्ट को रिपोर्ट निगेटिव आ सकता है, ऐसे में उस व्यक्ति से दूसरे लोगों में कोरोना के संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक कई देशों से ओमिक्रॉन बीए.2 के मामलों में वृद्धि की सूचना मिल रही है। सभी देशों को कोरोना के परीक्षण, संक्रमितों की निगरानी और इससे दूसरों के बचाव को लेकर विशेष सतर्कता दिखाने की आवश्यकता है। आइए इस बेहद संक्रामक माने जा रहे कोरोना सब-वैरिएंट के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

भारत में भी  बीए.2 के कारण बिगड़े हालात

भारत के संदर्भ में बात करें तो वैज्ञानिकों का मानना है कि ओमिक्रॉन बीए.2 के कारण यहां कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है, वहीं वैश्विक स्तर पर अब तक 54 देशों में इस नए सब-वारिएंट का पता लगाया गया है। डेनमार्क इस सब-वैरिएंट से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है। डेनमार्क के स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है कि देश में ओमिक्रॉन से संक्रमित ज्यादातर लोगों में बीए.2 सब-वैरिएंट की पहचान की जा रही है। हमारे लिए सबसे अधिक चिंताजनक बात इसको ट्रैक करना है।

टेस्ट को कैसे चकमा दे रहा है बीए.2 उपभेद?

यूकेएचएसए के वैज्ञानिकों के मुताबिक ओमिक्रॉन बीए.2 में वह एक म्यूटेशन नहीं है जो कोविड-19 का पता लगाने में मदद करता है। ओमिक्रॉन के “एस” स्पाइक जीन में एक आनुवंशिक विलोपन देखा जा रहा था जिसकी मदद से आरटी-पीसीआर परीक्षण के साथ संक्रमण की पुष्टि कर पाना आसान होता था, हालांकि बीए.2 सब-वैरिएंट में वह एस जीन नहीं है, इस वजह से इसे ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आशंका है कि लोगों में संक्रमण होने के बावजूद उनका परीक्षण रिपोर्ट निगेटिव आ सकता है। 

टेस्ट निगेटिव आ जाने पर क्या करें?

वैज्ञानिकों के मुताबिक चूंकि इस सब-वैरिएंट का पता लगा पाना कठिन हो सकता है, ऐसे में सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर इस खतरे को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। अमेरिका के महामारी विज्ञानी फहीम यूनुस ने एक रिपोर्ट में बताया कि ओमिक्रॉन के लक्षणों को बिल्कुल हल्के में लेने की गलती न करें। गले में खराश या बुखार होने पर तत्काल परीक्षण कराएं। यदि लक्षण के बाद भी आपका रिपोर्ट नकारात्मक आ जाता है, तो अगले 24 से 48 घंटों में फिर से परीक्षण कराया जा सकता है। रैपिड एंटीजन टेस्ट की बजाय, आरटी-पीसीआर टेस्ट के माध्यम से इसका पता लगाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि अभी कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के साथ बीए.2 जैसे सब-वैरिएंट के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस खतरे को देखते हुए सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। यदि आपका कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ जाता है, फिर भी लक्षण बरकरार हैं तो सुरक्षात्मक तौर पर होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करें। भारत में कोविड रोगियों के लिए, होम-आइसोलेशन की अवधि को 10 दिनों के बजाय 7 दिनों कर दिया गया है, फिर भी जब तक आपमें लक्षण बने रहते हैं, खुद को आइसोलेशन में ही रखना बेहतर माना जा सकता है। लगातार डॉक्टर की संपर्क में रहें और बताए गए उपायों का पालन करते रहें।

—————-

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

Related posts:

Staff Nurse Recruitment 2021 staff nurse vacancy 2021 sarkari naukri 2021 Tomorrow last date to appl...
Himachal Vigilance Bureau Probe 19 Crore Rupee Loan Case In Kangra Central Cooperative Bank - केसीसी...
Congress leaders surrounded by sharing selfies with women MPs apologized | महिला सांसदों के साथ सेल्...
Personal finance personal loan bank to get first time personal loan lower interest rate emi interest...
Economic offence unit conducted raid on residences of two officers in sand mining case bramk
Raipur Airport News, According To Atc Due To Low Visibility There Is No Arrival Or Departure Of Flig...
Lady sub inspector of bihar police lakshmi kumari commits suicide father demand cbi inquiry bramk
AIIMS storekeeper, staff arrested in Rs 13.8 crore purchase scam | 13.8 करोड़ रुपये के खरीद घोटाले म...
Uttarakhand Assembly Election 2022: Bjp And Congress Candidates Are Still Now Declared On Only One S...
Jharkhand para teachers will get the benefit of epf cm hemant soren will take decision today here fu...
Cbse Term 1 Board Exams 2021 Central Board Of Secondary Education Will Conduct Term 1 Major Subjects...
107 Candidates Will Contest Election In Nine Assembly Constituencies Of Agra - यूपी चुनाव 2022: आगरा...
Is combonation of milk and fish creats toxin together know the scientific truth Lak
1200 year old church built on 130 feet stone pillar lonely church georgia ashas
Latest And Breaking News Today In Hindi Live 22 December 2021 - Breaking News In Hindi: पढ़ें 22 दिस...
Mother looks jus like her daughter even after 23 year age gap pratp

Leave a Comment