Why Congress Choose Shehzad Khan Pathan For Ahmedabad Municipal Corporation LoP

अहमदाबाद. कांग्रेस ने 32 साल के शहजाद खान पठान को अहमदाबाद नगर निगम का नेता प्रतिपक्ष बनाया है. हालांकि इसके विरोध के चलते 11 पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. कांग्रेस ने इनके खिलाफ अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया है और 7 दिन में उनसे जवाब मांगा है.

पार्षदों के विरोध के पीछे वजह पठान का अनुभवहीन होना, महिलाओं से असभ्यता से पेश आना और सितंबर 2021 को ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी से मिलना बताया जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक पठान ने कहा था कि उनकी यह मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट थी.

पठान की पृष्ठभूमि
पठान ने पहली बार 2010 में दानिलमिदा वार्ड से पार्षद का चुनाव जीता था. खास बात यह थी कि यह सीट 1995 से भाजपा का गढ़ थी. यह उनका तीसरा कार्यकाल है. पठान के खिलाफ तीन मामले दर्ज हो चुके हैं, जो मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन को लेकर थे. इसी के चलते 19 दिसंबर, 2020 को वह 55 दिनों तक साबरमती केंद्रीय कारावास में रहे थे.

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उन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में दंगा और हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. ऑस्ट्रेलिया के सरीना रूसो स्कूल से बिजनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा करने वाले पठान पिछले एक दशक में युवा कांग्रेस अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव की भूमिका निभा चुके हैं.

कांग्रेस ने पठान को क्यों चुना
कांग्रेस के पिछले मुस्लिम नेता प्रतिपक्ष बदरुद्दीन शेख (2010-15) थे. कोविड के चलते 2020 में शेख की मृत्यु हो गई थी. कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी का कहना है कि पठान को पार्टी ने इसलिए चुना क्योंकि वह युवा है और उनमें पार्टी की विचारधारा को आगे ले जाने की काबिलियत है. दोषी ने कहा कि पठान एक “प्रगतिशील मुस्लिम” हैं और इसलिए उन्हें चुना गया है. उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान सभी शहर निवासियों के लिए न्याय पर रहेगा.

अनूठे विरोध के चलते जाने जाते हैं पठान
पठान अपने अनूठे विरोध के चलते जाने जाते हैं, 2017 में अपने वार्ड में स्वच्छता औऱ सफाई के अभाव का विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मेयर के कार्यालय के आगे कचरा फेंका था. इसी तरह 2016 में भी अपने वार्ड की समस्याओं के निदान के लिए वह मेयर के कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गये थे.

इसी तरह अपने वॉर्ड में एक सामुदायिक हाल की लंबित मांग को उठाने के विरोध में एएमसी के दक्षिण जोन वार्ड कार्यालय में एक जोड़े की शादी करवा दी थी. और अपने निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय की मांग के लिए उन्होंने छोटे बच्चों के एक जुलूस का नेतृत्व किया था.

Tags: Ahmedabad, Congress, Gujarat

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